भारत विश्वकप में न रहने से बिना वधू की शादी के समान लग रहा है । इतना ही नहीं कि जैसे पुष्प की सुगंद ही चली गई हो । आशा भरी नजरों से और बडी उम्मिदों से टीम बना के वेस्ट इंडिज को भेजा गया था । यहाँ विज्ञापनवालो ने भी अनेक प्रकार की समजौता [...]
Archive for April, 2007
बिना वधू की शादी रही विश्वकप क्रिकेट
April 10, 2007सियार की चाल
April 8, 2007
होशियारी और चालाकी में सियार का नाम प्रमुख माना जाता है । कुछ विषयों में उसकी बुध्दि तेजी से काम करती है । एक बार एक घने जंगल के ऊँचे पहाड पर एक गुफा थी । जंगल का राजा शेर अपने संवादाता कौआ को भेजकर , एक जंगली मुर्गा , बंदर और सियार को अपने पास [...]
संपादकीय
April 5, 2007बडी हर्ष की बात है कि उडुपि हिन्दी पत्रिका का संपादन कार्य संभाने के साथ-साथ जवाहर नवोदय विद्यालय हेब्रि उडुपि के छात्रों का सार्वांगिन हिन्दी साहित्य काम करना और हिन्दी भाषा का विकास तथा प्रचार का भी मौका मिला है । इसे श्रेष्ट बनाने में दिन- रात काम करने में कोई गुंजायिश नहीं होगी [...]
पक्षी धाम श्रीरंगपट्टण्ण
April 5, 2007
गर्मियों का दिन आया है ।
कहीं नहीं दिखती पक्षियाँ ।
पर एक है स्थान वह श्रीरंगपटटण्ण ।
यहाँ है अन जानी कई पक्षियाँ ॥
देखो ना यह किसकी सृष्टि ।
निहारते ही रह जाती अपनी दृष्टि ।
एक या दो गिनते रह जाते ।
मुश्किल है जिसकी बयान करना ॥
संपदक
April 4, 2007
हिन्दी शिक्षक
शैक्षणिक योग्यता एम ए बि एड
जवाहर नवोदय विद्यालय – हेब्रि
उडुपि – कर्नाटक
सपनों की हवा
April 3, 2007सोया रात भर सपनों की हवा में,
सोचता कैसा अजीब -सा है यह सपना,
निंद नही आती दिल को चुबानेवाला और डरानेवाल ।
जगके देखा सुन रहा हूँ बस हवा की आवाज,
ढुंढ्ता हूँ कहाँ सपनों की रानी मेरी जिसकी है तलाश अब मुझे ।