डैमंड की मनुष्यता (महानता)
महान कवि मैथिलीशरण गुप्त द्वारा रचीत कविता “ मनुष्यता ” की एक पँक्ति है , ’वही मनुष्य है कि जो मनुष्य के लिए मरे ’ जो मनुष्य दूसरों की कष्ट और मुसिबतों के काम में आता है, वही सच्चा मनुष्य है । आज के दुनिया में ऐसे लोगों की संख्या [...]